रिपोर्टर रतन गुप्ता
डीबीएस न्यूज, लखनऊ:
असद सहित पांच अभियुक्तों पर पांच पांच लाख का इनाम घोषित किया गया था।
दिल्ली में पकड़े गए असलहा तस्कर और ड्राइवर से मिले सुराग के आधार पर डिप्टी एसपी नवेंदु कुमार की टीम ने पीछा किया और अतीक के बेटे असद और उसके साथी गुलाम को मुठभेड़ में मार गिराया।
माफिया अतीक अहमद का बेटा और पांच लाख का इनामी असद उसके साथी गुलाम गुरुवार को झांसी में एसटीएफ की मुठभेड़ में ढेर हो गए।
24 फरवरी को उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर की सुलेम सराय में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या की गई थी। वारदात के बाद असद सहित पांच अभियुक्तों पर पांच पांच लाख का इनाम घोषित किया गया था।
बताया जा रहा है कि असद और गुलाम 15 दिन तक दिल्ली में पनाह लेने के बाद यहां से भाग निकले थे। मगर दिल्ली में पकड़े गए असलहा तस्कर और ड्राइवर से मिले सुराग के आधार पर डिप्टी एसपी नवेंदु कुमार की टीम ने पीछा किया और मुठभेड़ में मार गिराया।
24 फरवरी को सुलेम सराय में जीटी रोड पर अधिवक्ता उमेश पाल और दो सरकारी गनर को अतीक अहमद के बेटे असद, गुलाम, साबिर, अरमान और विजय चौधरी उर्फ उस्मान ने गोली तथा गुड्डू मुस्लिम ने बम मारे थे।
घटना के तीसरे रोज हुआ था पहला एनकाउंटर
उमेश पाल की हत्या के तीसरे रोज पुलिस ने शूटरों की कार के ड्राइवर अरबाज को नेहरू पार्क के जंगल मे मार गिराया था। कुछ दिन बाद एक और शूटर विजय चौधरी उर्फ उस्मान कौंधियारा इलाके में एसओजी के साथ एनकाउंटर में मारा गया था। विजय चौधरी उर्फ उस्मान ने ही उमेश पाल को पहली गोली मारी थी।
उत्तर प्रदेश में अब तक 10 हजार से ज्यादा एनकाउंटर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जैसे ही राज्य की बागडोर संभाली, राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार करना उनकी प्राथमिकता बन गई। सरकार ने माफिया और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई और ऐसे लोगों पर कार्रवाई तेज कर दी है।
उनकी सरकार आने के बाद एनकाउंटरों की संख्या में एकाएक उछाल देखने को मिला। सरकार का दावा है कि पिछले 6 सालों में राज्य की पुलिस 10 हजार से ज्यादा मुठभेड़ों का सामना कर चुकी हैं, जिसमें 65 अपराधी मारे जा चुके हैं। जारी आंकड़ों के अनुसार, एक पुलिस कर्मी भी शहीद हुआ है।

